रेंटल बिजनेस : प्रति माह कमाएं लाखों

रेंटल बिजनेस प्रति माह कमाएं लाखों

रेंटल बिजनेस प्रति माह कमाएं लाखों

मेट्रो सीटी हो या स्माॅल सीटी, रेंटल बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है. अनेक बड़ी कंपनियां भी इस क्षेत्र में उतर आयी है. इन सबके बावजूद इस क्षेत्र में काफी स्कोप है. यदि आप किसी नए बिजनेस आइडिया की तलाश में हैं तो आप इस बिजनेस के बारे में सोच सकते हैं.
घर, आॅफिस या दुकान के अलावा लोगों को मौसम के अनुरूप कूलर, एसी, फैन, रूम हीटर आदि की आवश्यकता होती है. ऐसे में आजकल कूलर, फैन, एसी, रूम हीटर खरीदने की बजाए इन्हें किराए पर लेने का चलन बढ़ रहा है जिसके चलते रेंटल बिजनेस एक प्राॅफिटेबल बिजनेस बन गया है.
कई कंपनियों ने बड़े शहरों में यह सेवा आॅनलाइन शुरू कर दी है. लोगों को कूलर या एसी किराए पर लेने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है. वे इनकी वेबसाइट पर आॅनलाइन रजिस्टर्ड करके इन चीजों को घर पर मंगवा सकते हैं. रेंट पर सामान देने वाली कंपनियों की वेबसाइट पर सारे डिटेल मिल जाएंगे. अपने मन मुताबिक रेंट के लिए सामान बुक कर सकते हैं.
आॅनलाइन रेंटल बिजनेस कारोबार में पिछले कुछ समय में काफी बूम आया है. इसकी कई वजह है, लोगों को रेंट पर अपनी जरूरत का सामान मिल जाता है. उस चीज के लिए उन्हें मोटी रकम खर्च करना नहीं पड़ता. इससे लोगों की जेब पर भार कम पड़ता है.
अनेक लोगों को अपनी जरूरत की मंहगी चीजों को ईएमआई पर लेना पड़ता है. जिसकी वजह से उनके बजट पर अतिरिक्त भार पड़ जाता है. कई बार तो उनके लिए ईएमआई देने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसे में रेंट पर सामान लेने पर ईएमआई के झंझट से बच जाते हैं.
अधिकतर चीजें सीजन के बाद फालतू पड़ी रहती है. इस्तेमाल ना होने की वजह से खराब हो जाती है. जिनके यहां जगह की कमी है, उनके लिए परेशानी और बढ़ जाती है. उन्हें उन चीजों को जहां-तहां रखना पड़ता है. ऐसे में उसके खराब होने का अधिक भय रहता है.
सरकारी कर्मचारी जिनका अक्सर ट्रांसर्फर होता रहता है. उन्हें इन सामानों को एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाने के लिए उसकी पैकिंग, ट्रांसर्पोटिंग, हैंडेलिंग आदि पर हर बार खर्च करना पड़ता है. अनेक बार लोडिंग व अनलोडिंग करने वालों की लापरवाही से सामानों की टूट-फूट हो जाती है. वे लोग आजकल अपनी जरूरत की चीजों को रेंट पर लेना पसंद कर रहे हैं.
स्टुडेंट जो स्टडी के लिए अपने घर से दूर कहीं अन्य शहरों में जाते हैं. उन्हें ऐसी चीजें यदि किराए पर मिल जाएं तो वे इन्हें खरीदने की बजाए उसे किराए पर लेना पसंद करते हैं.

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अब बात आती है रेंटल बिजनेस में कैसे उतरे

आप रेंटल बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो जान लें. इस बिजनेस में शुरूआत में काफी मेहनत करनी पड़ेगी. जैसे-जैसे मार्केट में पहचान बनती जाएगी, अच्छा रिस्पांस मिलने लगेगा.
रेंटल बिजनेस शुरू करने के पहले अपने शहर में एक सर्वे करे. जिसमें यह पता लगाने की कोशिश करें, आपके शहर में इस बिजनेस की डिमंड है या नहीं.
रेंटल बिजनेस उन शहरों में चलने की संभावना अधिक हैं, जिन शहरों में अन्य शहरों के लोग रहते हैं. स्टुडेंट पढ़ने के लिए आते हैं. सरकारी या प्रायवेट कार्यालय या फेक्ट्री आदि है.

रेंट में क्या-क्या सामान दें

रेंट में सिर्फ कूलर या एसी ही नहीं आजकल हर तरह की चीजें ली जा रही है. वाॅटर कूलर, फ्रीज, फैन, टीवी, लैपटाॅप, कंप्यूटर, फर्नीचर, इलैक्ट्रिानिक्स, इलैक्ट्रिकल्स आयटम, किचन वेयर आदि की डिमांड है. इनके अलावा कार, बाईक, कैमरा आदि की भी डिमांड की जा रही है. स्कूल, कोचिंग क्लासेस या आॅफिस के लिए फर्नीचर रेंट पर दे सकते हैं.

सामानों का रेंट क्या होगा

मेट्रो सीटी मुंबई, दिल्ली, गुड़गांव, हैदराबाद, बंेगलुरू आदि में कई कंपनियां आॅनलाइन द्वारा रेंटल सेवा दे रही है. उनकी वेबसाइट की मुताबिक एसी व कूलर का शुरूआती किराया 799 से लेकर 2100 रूपए तक है. किराएं में कंपनी सभी बड़े ब्रांड के कूलर या एसी दे रही है.
यदि आप रेंटल सर्विस छोटे शहर में चला रहे हैं तो इन वेबसाइट पर बताएं गए रेंट से कुछ कम करके अपने शहर में सामानों को रेंट पर दे सकते हैं. सामान देने के लिए टर्म एण्ड कंडिशन क्या होगा, इस बारे में वेबसाइट पर जानकारी ले सकते हैं. उन्हें आप भी फाॅलो कर सकते हैं.
रेंट पर सामान लेने वालों से केवायसी लें ताकि उसकी पहचान सही तरीके से हो सके. केवायसी डाक्युमेंट के रूप में कस्टमर के पहचान, नाम पते की पुष्टि करने के लिए फोटो तथा एड्रेस प्रूफ यानी पते का प्रमाण पत्र लिया जाता है. इसके लिए भारत सरकार द्वारा छह प्रकार के दस्तावेज स्वीकृत किए गए है. उनमें से किसी का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
सामान रेंट पर लेने वालों से सुरक्षा की दृष्टी से सिक्युरिटी मनी भी जमा करवा सकते हैं या लोकल का कोई गारंटर देता हैं तो उसे बिना सिक्युरिटी मनी के सामान दे सकते हैं. जो लोग शहर में किराए से रह रहे हैं उनसे किरायानामा की फोटोकापी के साथ सिक्युरिटी मनी या रेंट चेक के रूप में एडवांस में जमा करवा सकते हैं.

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वेबसाइट जरूरी

यदि आप अपने शहर में रेंटल बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो इसके लिए एक अच्छी सी वेबसाइट बनवाएं, जिससे लोग बिना किसी परेशानी के आप से सम्पर्क कर सके. लोग वेबसाइट पर विजिट करके आपके रेंटल बिजनेस के बारे में अच्छी तरह से जान सकते हैं. वेबसाइट पर अपने सर्विस की पूरी जानकारी के साथ रेंट पर दिए जाने वाले चीजों की लिस्ट, उनके ब्रांड नेम, फोटो, उनके रेंट, टर्म एंड कंडिशन आदि पूरी जानकारी वेबसाइट पर होनी चाहिए.

कस्टमर कहां से मिलेंगे

कस्टमर पाने के लिए लोकल में पब्लिसीटी करना जरूरी है. इसके लिए पम्पलेट बटवाएं. पम्पलेट खास कर सरकारी, प्रायवेट कार्यालय, होटल, हाॅस्पिटल, इंडस्ट्रीयल एरिया में बटवाएं. इसके साथ कोचिंग सेंटर, इंस्ट्यिुट के आसपास बैनर व पोस्टर लगवाएं, बाॅय व गर्लस हाॅस्टल में विजिट करके उन्हें रेंटल सर्विस के बारे में जानकारी दें. स्टुडेंट को विजिटिंग कार्ड देकर आएं.
अपने वेबसाइट को सोशल मीडिया पर अपने शहर के नाम के साथ हैजटेक लगा कर प्रमोट करें. वेबसाइट का लिंक फेसबुक, ट्यिुटर, गूगूल प्लस, व्हाट्सएप शेयर करें. यहां से भी आपको अच्छा बिजनेस मिलेगा.

बिजनेस में इंवेस्टमेंट

इस बिजनेस को कम इंवेस्टमेंट के साथ शुरू करें. सबसे पहले कुछ सीजनल जरूरत के खास आयटम जैसे गर्मी के मौसम में इसकी शुरूआत करते हैं तो दो-चार नए या पुराने कूलर, एसी, वाटर कूलर, फ्रीज आदि से इसकी शुरूआत कर सकते हैं. पुराने कूलर व एसी लेकर यदि इसकी शुरूआत कर रहे हैं तो उसकी अच्छे से डेंटिंग-पेंटिंग और रिपेयरिंग कर लें, जिससे वह सर्विस अच्छी दें. इस तरह से गर्मी के बाद आप ठंड के दिनों के लिए आयटम किराए पर देना शुरू करें. धीरे-धीरे मांग बढ़ती जाएगी आपके पास आयटम भी बढ़ता जाएगा और आपकी इनकम भी बढ़ती जाएगी.

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