asli nakli product ki pahchan

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असली नकली प्रोडेक्ट की पहचान कैसे करें

Real duplicate product tax identification

प्रोडेक्ट असली है या नकली आप भी कर सकते हैं इसकी पहचान

आजकल ब्रांडेड कंपनियों के मिलते-जुलते अनेक नकली प्रोडेक्ट मार्केट में हैं. देखा गया है पहली नजर में असली-नकली प्रोडेक्ट की पहचानना बड़ा ही मुश्किल होता है. यदि गौर से प्रोडेक्ट पर नजर डालेंगे तो आप असली-नकली प्रोडेक्ट की पहचान कर सकते हैं. नकली और असली प्रोडेक्ट में कुछ न कुछ ऐसा जरूर डिफरेंस होता है जिसके द्वारा वह पहचान में आ जाता है.
इस आर्टिकल्स को ध्यान से पढ़ें, ताकि आप भी असली और नकली प्रोडेक्ट की पहचान आसानी से कर सके.

जानते हैं नकली प्रोडक्ट्स कैसे पहचाने –

The difference between product names and spelling

प्रोडेक्ट के नाम और स्पेलिंग में फर्क

देखा गया है नकली प्रोडक्ट बनाने वाली अधिकतर कंपनिया ब्रांडेड प्रोडेक्ट की नकल करते वक्त अपने प्रोडक्ट के नाम की स्पेलिंग में गड़बड़ी करती है. ऐसा बड़े ब्रांड के नाम की काॅपी करने के लिए किया जाता है. ताकि लोग पहली नजर में इसे जज ना कर पाएं. कस्टमर मिलते-जुलते नाम के धोखे में उस प्रोडेक्ट को खरीद लेते है.
व्याकरण या मात्राओं की त्रुटि ही नहीं, उसकी डिजाइनिंग भी इस तरह से करते है कि पहली नजर में अच्छे-अच्छे गच्चा खा जाते हैं. कस्टमर चीजें खरीदते वक्त यदि होशियारी से सभी बातों पर ध्यान दे तो वह नकली सामान खरीदने से बच सकता है.

No detail at the box बाॅक्स पर डिटेल का अभाव

नकली प्रोडेक्ट के बाक्स पर जानकारी का अभाव होता है. ब्रांडेड कम्पनियां अपने प्रोडक्ट्स की पैकिंग पर कुछ फीचर्स जैसे कोड्स, सीरियल या मॉडल नंबर, ट्रेडमार्क, पेटेंट की जानकारी देती है. आमतौर पर नकली प्रोडक्ट्स के बाॅक्स पर इस तरह की जानकारियां नहीं दी जाती है. आप यदि चाहे तो इस बारे में ऑनलाइन जानकारी ले सकते हैं. असली और नकली प्रोडक्ट्स से नंबर्स को क्रॉसचेक कर सकते हैं. बाॅक्स पर डिटेल का अभाव होने पर तुरंत आप समझ जाएं वह नकली है. ऐसे प्रोडेक्ट ना ही खरीदे. इस बारे में लोगों को भी जागरूक करें.

asli nakli product ki pahchan
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Identification of company logo कंपनी के लोगो से करे पहचान

नकली प्रोडेक्ट में स्पेलिंग मिस्टेक के साथ साथ कंपनी का लोगो, ब्रांड नेम और ट्रेडमार्क भी चेंज होता है. प्रोडक्ट को ध्यान से देख कर इन कमियों को आसानी से जान सकते है. बड़ी असानी से छोटे-छोटे अन्तर को पकड़ सकते हैं.

Contact details कांटेक्ट डिटेल्स

ज्यादातर कंपनियों की पैकेजिंग पर पूरा एड्रेस, ईमेल, फोन नंबर या कांटेक्ट डिटेल्स जरूर होता है. देखा गया है नकली प्रोडक्ट पर यह सब जानकारियां मौजूद नहीं होती. कांटेक्ट डिटेल्स न देने की वजह है प्रोडेक्ट में किसी तरह की कमी होने पर कोई उन्हें शिकायत ना कर सके.

ऐसे प्रोडेक्ट की गारंटी खत्म हो जाती है. यदि कोई प्रोडेक्ट आपको नकली लगे, यदि उस पर डिटेल है. फोन नंबर, वेबसाइट, ईमेल आदि दिया हुआ है तो आप उसे कंर्फम जरूर कर ले, क्योंकि हो सकता वह गलत हो. बिना कांटेक्ट डिटेल्स वाली किसी भी प्रोडेक्ट को ना खरीदे. इसे खरीदने पर आपका नुकसान होना ही होना है.

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Good packing and poor packing अच्छी पैकिंग और घटिया पैकिंग

पूरी दुनिया में अच्छे व ब्रांड्स कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग पर काफी पैसा खर्च करती है. पहली नजर में यदि पैकेजिंग घटिया और खराब लगे तो समझ जाएं. उस बाक्स में नकली प्रोडेक्ट भरा हुआ है. यह भी जानें यदि कोई सामान बिना पैकिंग के बिक रहा है. वह कभी भी स्टैंडर्ड नहीं हो सकता. ऐसे प्रोडेक्ट की खरीदारी ना करें.

अगर आइटम सही तरह से पैक नहीं किया गया है या बॉक्स में सही तरह से फिट नहीं हो रहा है या इसमें खराब स्टैण्डर्ड का सामान इस्तेमाल हो रहा है जैसे सस्ती प्लास्टिक या घटिया कार्डबोर्ड तो समझ लें आपका वास्ता नकली प्रोडक्ट से पड़ा है. इसी तरह यदि आपको बिना पैकेजिंग के कही प्रोडक्ट मिला है तो हो सकता है कि वह नकली प्रोडक्ट हो.

Difference in quality क्वालिटी में फर्क

नकली प्रोडक्ट की क्वालिटी हमेशा खराब होती है. यह गौर से देखेंगे तो पहली ही नजर में पहचान सकते हैं. नकली प्रोडेक्ट में चमक नहीं होती जो असली प्रोडेक्ट में होती है. बिना इस्तेमाल किए एक बार में ही नकली प्रोडक्ट को पहचान सकते है. नकली प्रोडक्ट में असली प्रोडक्ट के स्थान पर खराब वैकल्पिक चीजों का इस्तेमाल किया जाता है. इस्तेमाल किए गए मटेरियल के रूप में खराब प्लास्टिक, लेदर, सस्ता कांच, खराब क्वालिटी का कपडा या इलेक्ट्रॉनिक अप्लायंसेज के पुराने या इस्तेमाल किए हुए पार्ट्स आदि हो सकते हैं.

Unauthorized center अनाधिकृत सेंटर

मंहगे प्रोडेक्ट को हमेशा अधिकृत सेंटर से ही खरीदे. जैसे इलेक्ट्रोनिक, होम अप्लाइंसेज, गैजेट्स, ब्रांडेड वेयर्स आदि को अधिकृत रिटेलर्स, लाइसेंस विक्रेता या वास्तविक ब्रांड आउटलेट से ही खरीदे. नकली प्रोडेक्ट बेचने वाली कम्पनियां काफी चालाकी से काम लेती है. वह अनधिकृत सेंटर के माध्यम से अपना नकली प्रोडक्ट बेचने की कोशिश करती है. ऐसे सेंटर से खरीददारी से बचना चाहिए.

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हैवी डिस्काउंट: अवास्तविक छूट

आप कोई प्रोडेक्ट खरीद रहे हैं उस पर जरुरत से ज्यादा डिस्काउंट मिल रहा है तो सावधान हो जाए. आॅनलाइन स्टोर पर इस बारे में चेक करे. इसके साथ ही कांटेक्ट डिटेल्स भी जांचे. इस बात का ध्यान रखें, हैवी डिस्काउंट देने के पीछे कस्टमर को अपने प्रोडेक्ट के प्रति अटैक्ट्र करना होता है. लोग उस वक्त सिर्फ डिस्काउंट पर ही ध्यान देते हैं. प्रोडेक्ट की वास्तविकता पर ध्यान नहीं देते हैं. ऑफर हैवी डिस्काउंट वाला है यानि एमआरपी पर 80 फीसदी तक छूट दी जा रही है तो वह प्रोडक्ट नकली हो सकता हैं. इसकी जांच जरूर करें.

Accessories Missing एसेसरीज का गायब होना

जब भी आप कोई सामान खरीद रहे हैं यह जरूर चेक करे कि प्रोडेक्ट के साथ एसेसरीज और सप्लीमेंट्री पार्ट्स मौजूद है या नहीं. इसके साथ इंस्ट्रक्शन मेनुअल, वारंटी कार्ड, वायर्स, प्लग्स और दूसरे आइटम्स मिसिंग है. इस बारे में तुरंत रिटेलर से बात करें. यदि रिटेलर बहाने बनाएं तो वहां से सामान न लें. बिल बनाने के पहले ही बाक्स खोल कर यह सब देख लें, ताकि बाद में आपको परेशान ना होना पड़े.
ऑनलाइन खरीदारी करने पर डिलीवरी के वक्त बॉक्स को खोलते समय इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग कर लंे. तो अच्छा रहेगा.

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